कानपुर रोड पर करीब 45 हजार वर्गमीटर में बहुमंजिला स्टेशन विकसित करने का प्रस्ताव। योजना के तहत यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के साथ चारबाग स्टेशन से मालगाड़ियों और माल ढुलाई का दबाव कम करने की तैयारी है।

लखनऊ: राजधानी की रेल और माल ढुलाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे स्टेशन को आधुनिक ट्रांसपोर्ट और कार्गो हब के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई है। उत्तर रेलवे ने स्टेशन के कायाकल्प का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर यह स्टेशन यात्रियों के साथ माल परिवहन के लिए भी अहम केंद्र बन सकता है।
प्रस्तावित योजना के मुताबिक, कानपुर रोड पर करीब 45 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बहुमंजिला स्टेशन विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, ये सुविधाएं फिलहाल प्रस्तावित योजना का हिस्सा हैं; इनके निर्माण और शुरू होने की समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सात मंजिला इमारत, तीन प्लेटफॉर्म और छह रेल लाइनें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित स्टेशन परिसर को सात मंजिला इमारत के रूप में विकसित करने और करीब 420 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बताई गई है। स्टेशन पर तीन प्लेटफॉर्म और छह रेल लाइनें होंगी। छत पर 1,250 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने की भी योजना है।
चारबाग स्टेशन पर कम होगा दबाव
ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन के विकसित होने से चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और मालगाड़ियों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। चारबाग के माल गोदाम को ट्रांसपोर्ट नगर स्थानांतरित करने की योजना से माल ढुलाई की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकती है। इससे शहर के व्यस्त इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही घटाने और जाम से राहत मिलने की संभावना भी है।
मेट्रो, एयरपोर्ट और बस टर्मिनल से कनेक्टिविटी
कानपुर रोड पर स्थित होने के कारण ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन से मेट्रो, एयरपोर्ट और बस सेवाओं के जरिए आवागमन को बेहतर बनाने की संभावना है। इससे कानपुर और उन्नाव की ओर से लखनऊ आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है।
कुल मिलाकर, यह परियोजना लखनऊ में रेल यातायात और माल परिवहन को अलग-अलग व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, रेलवे बोर्ड की मंजूरी, परियोजना की अंतिम रूपरेखा और संचालन शुरू होने की समय-सीमा को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
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