अब्बास अंसारी ने जताया जान का खतरा, कोर्ट से मांगी सुरक्षा

निकहत बानो के साथ बांदा कोर्ट पहुंचे विधायक, बोले- पिता के शिकायतकर्ता वाले मामले की कर रहा हूं पैरवी; 18 सितंबर को अगली सुनवाई

बांदा: मऊ से विधायक अब्बास अंसारी ने एक बार फिर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। 10 सितंबर को पत्नी निकहत बानो के साथ बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेशी के दौरान उन्होंने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनके दिवंगत पिता मुख्तार अंसारी एक मामले में शिकायतकर्ता थे और अब वह उसी मामले की पैरवी कर रहे हैं। ऐसे में कोर्ट आने-जाने के दौरान उन्हें खतरा महसूस होता है। अदालत ने उनकी सुरक्षा संबंधी अर्जी स्वीकार कर ली।

पांच गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे अब्बास

10 सितंबर की पेशी के दौरान अब्बास अंसारी पत्नी निकहत बानो के साथ पांच गाड़ियों के काफिले में कोर्ट पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, अब्बास की गाड़ी को न्यायालय परिसर के भीतर जाने की अनुमति दी गई, जबकि बाकी वाहनों को बाहर रोक दिया गया। दोनों करीब ढाई घंटे तक अदालत परिसर में रहे।

इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। अब्बास और निकहत की पेशी के बाद दोनों ने मीडिया से बातचीत नहीं की और सीधे रवाना हो गए।

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चित्रकूट जेल की कथित अवैध मुलाकात का मामला

अब्बास अंसारी और निकहत बानो की मौजूदा पेशी चित्रकूट जेल में फरवरी 2023 में हुई कथित अवैध मुलाकात से जुड़े मामले में थी। उस समय जेल में बंद अब्बास से मिलने पहुंचीं निकहत बानो को जेल परिसर में नियमों के विपरीत मौजूद पाए जाने का आरोप लगा था। मामले की जांच के बाद अब्बास, निकहत समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

बांदा की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में 10 सितंबर को मामले में आरोप तय किए जाने थे, लेकिन कुछ आरोपियों की गैरहाजिरी और एक आरोपी की ओर से डिस्चार्ज अर्जी दाखिल किए जाने के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

पहले भी सुरक्षा को लेकर उठा चुके हैं सवाल

अब्बास अंसारी की सुरक्षा को लेकर पहले भी विवाद और चिंता सामने आ चुकी है। फरवरी 2023 में कासगंज जेल में रहने के दौरान उनके परिवार की ओर से उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजकर उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। उस समय ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह से खतरे की आशंका जताई गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अब्बास को कासगंज जेल में कुंटू सिंह से खतरा बताए जाने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाने को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए गए थे।

सुरक्षा अर्जी स्वीकार, अब अगली तारीख पर नजर

10 सितंबर की सुनवाई में अब्बास अंसारी ने अदालत से अगली पेशियों के दौरान सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि जिस मामले में वह अपने पिता की ओर से पैरवी कर रहे हैं, उसकी वजह से उन्हें कोर्ट आने-जाने में खतरा महसूस होता है। अदालत द्वारा अर्जी स्वीकार किए जाने के बाद अब आगामी पेशियों में उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रहेगी।

फिलहाल चित्रकूट जेल की कथित अवैध मुलाकात से जुड़े मामले में आरोप तय करने की कार्रवाई 18 सितंबर तक टल गई है।

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