बिजली-पानी से लेकर शौचालय और मिड-डे मील तक की होगी जांच, अभिभावकों और ग्रामीणों से वीडियो के जरिए कमियां सामने लाने की अपील

नई दिल्ली। ग्रामीण सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 15 अगस्त से देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अभियान के तहत गांवों के सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट कर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
अभियान में स्कूलों में बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील की व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। CJP की ओर से अभिभावकों और ग्रामीणों से स्कूलों की स्थिति के वीडियो बनाकर साझा करने की अपील की गई है, ताकि स्थानीय स्तर की कमियों को सामने लाया जा सके।
सरपंचों से स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की अपील
अभियान का फोकस केवल कमियां गिनाने तक सीमित नहीं रखने की बात कही गई है। CJP की योजना गांवों के सरपंचों से संपर्क कर सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए पहल करने की है। रिपोर्ट के मुताबिक अभियान की शुरुआत हिंगोली गांव से की जाएगी, जहां अभिजीत दिपके स्थानीय सरपंच से मिलकर स्कूल को बेहतर स्थिति में लाने का आग्रह करेंगे।
सोशल मीडिया पर साझा होगी सुधार की तस्वीर
CJP के मुताबिक अभियान में स्कूलों की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ सुधार की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी। यानी किसी स्कूल में सुविधा या व्यवस्था बेहतर होती है तो उसके बदलाव को भी सार्वजनिक किया जाएगा।
अभिजीत दिपके इससे पहले भी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर देशव्यापी अभियान चला चुके हैं। अब 15 अगस्त से प्रस्तावित यह अभियान सीधे ग्रामीण सरकारी स्कूलों की जमीनी व्यवस्थाओं पर केंद्रित होगा।
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