नोएडा के मामूरा में महिला की गला दबाकर हत्या के बाद शव नहर में फेंका गया था। पत्नी को धमकी देने के बाद पुलिस तक पहुंची बात, जांच में आरोपी और उसके दो सहयोगियों का खुलासा हुआ।

नोएडा | नोएडा के सेक्टर-66 मामूरा में 27 जुलाई को हुई महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 27 दिन बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक महिला की हत्या उसके साथ रहने वाले सुभाष चंद्र ने की थी। हत्या के बाद शव को दादरी के पास कोट नहर में फेंक दिया गया था। बाद में शव मथुरा में बरामद हुआ।
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुभाष चंद्र के साथ उसके चचेरे भाई सर्वेंद्र और बहनोई के भाई नीरज को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना का खुलासा आरोपी की पहली पत्नी की शिकायत के बाद हुआ।
पत्नी को फोन पर दी धमकी
पुलिस के मुताबिक सुभाष की शादी 2013 में कांति देवी से हुई थी। शादी के करीब दो साल बाद वह पत्नी को छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहने लगा। बताया गया कि वर्ष 2021 में पहली पत्नी ने वकील के जरिए तलाक से जुड़े दस्तावेज तैयार कराए और एटा कोर्ट में केस दाखिल किया था।
घटना के बाद सुभाष ने अपनी पत्नी को फोन किया। उसने पहले साथ रहने की बात कही और तलाक का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। इसके बाद उसने धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं आई तो उसका भी वही हाल कर दिया जाएगा। इसके बाद कांति देवी ने 20 अगस्त को फेज-3 थाने में शिकायत दर्ज कराई और दूसरी महिला की हत्या की आशंका जताई।
मथुरा में मिला था महिला का शव
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि जिस महिला की हत्या हुई थी, उसका शव 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस उसकी शिनाख्त कराने में जुटी थी।
पहली पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में आरोपी तक पहुंचने के बाद हत्या और शव को ठिकाने लगाने की पूरी कड़ी सामने आई।
साथ रहने वाली महिला पर था शक
पुलिस के अनुसार, 32 वर्षीय सुभाष को अपनी साथ रहने वाली महिला के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद के दौरान सुभाष ने महिला का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद उसने अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को फोन करके बुलाया। दोनों भी मामूरा में रह रहे थे। सुभाष वहां पिकअप वाहन चलाने का काम करता था।
बाइक से शव ले जाकर पिकअप में रखा
पुलिस के मुताबिक, सुभाष ने अपना पिकअप वाहन मिठाई की दुकान के पास खड़ा कर दिया था। इसके बाद रात में तीनों महिला के शव को बाइक पर बीच में इस तरह बैठाकर ले गए कि राह चलते लोगों को वह बीमार दिखाई दे।
बाद में शव को पिकअप में रखा गया और तीनों उसे दादरी के पास कोट नहर में फेंक आए। पुलिस के अनुसार, घटना के अगले ही दिन सुभाष ने अपना किराए का कमरा खाली कर दिया और फिरोजाबाद चला गया था।
पुलिस ने हत्या के साथ-साथ शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में सुभाष के दोनों सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है।
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