लखनऊ: मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के बहुचर्चित शर्मा चाय प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रिमांड) ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि विवेचक आरोपियों की पुलिस रिमांड की आवश्यकता को संतोषजनक ढंग से स्थापित नहीं कर सके और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर पुलिस रिमांड का पर्याप्त आधार नहीं बनता।

मामला थाना मोहनलालगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 265/2026 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 109(1), 189(2), 189(4), 190, 125, 3(5) बीएनएस तथा 7 सीएलए एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक सिंह यादव और प्रमाकर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था तथा उनकी पुलिस रिमांड की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त अभिषेक सिंह यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद अवस्थी (लाला) ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय के समक्ष गिरफ्तारी और रिमांड के आधारों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए दलील दी कि विवेचना में पुलिस द्वारा प्रस्तुत आधार विधिसम्मत नहीं हैं और रिमांड की आवश्यकता को पर्याप्त रूप से सिद्ध नहीं किया गया है। उनके साथ अधिवक्ता संतोष कुमार गिरी ने भी पैरवी की।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि एफआईआर एवं केस डायरी के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि घटना एक पार्टी के दौरान हुई थी, जहां कई लोग मौजूद थे। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी केवल हत्या के प्रयास के उद्देश्य से ही वहां एकत्र हुए थे। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड से आरोपियों की पार्टी में उपस्थिति तो परिलक्षित होती है, लेकिन केवल इसी आधार पर पुलिस रिमांड का औचित्य सिद्ध नहीं होता।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि केवल गिरफ्तारी का कारण बताना पर्याप्त नहीं है। विवेचक को यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि पुलिस रिमांड क्यों आवश्यक है। अदालत ने पाया कि विवेचक रिमांड की आवश्यकता तथा उसके समर्थन में पर्याप्त तथ्य प्रस्तुत करने में असफल रहे।
इसके बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजने से इनकार करते हुए 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके एवं अंडरटेकिंग पर रिहा करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि यह मामला 19 जुलाई 2026 को मोहनलालगंज क्षेत्र में आयोजित एक पार्टी के दौरान हुई कथित फायरिंग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाद के दौरान कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे जान का खतरा उत्पन्न हुआ। मामले की विवेचना फिलहाल जारी है।
Also Read: मुज़फ्फरनगर: चौथी कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, शिक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप



















