मुरादाबाद की मायानगर आवास समिति में फ्लैट आवंटन से जुड़े कथित घोटाले की जांच में एसआईटी(SIT) को कई अहम अनियमितताएं मिली हैं। जांच के दौरान पता चला कि नियमों की अनदेखी कर कुछ प्रभावशाली परिवारों को एक से अधिक फ्लैट आवंटित किए गए।

एसआईटी ने अमायरा डेवलपर्स और समिति के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मिलीभगत के जरिए फ्लैट आवंटन में अनियमितताएं की गईं और कुछ मामलों में एक ही फ्लैट को तीन अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों को मूल रूप से फ्लैट आवंटित किए गए थे, उन्हें अब तक कब्जा नहीं मिल पाया है। वहीं, कुछ अन्य लोगों को नियमों के विपरीत फ्लैट आवंटित किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने फ्लैट आवंटन प्रक्रिया का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने 30 दिनों के भीतर ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जांच के दौरान इस मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




















