कोर्ट परिसर मारपीट मामले में हाईकोर्ट सख्त, आरोपी वकील का आपराधिक रिकॉर्ड और 10 साल की संपत्ति का ब्योरा तलब

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जिला न्यायालय परिसर में दिल्ली के अधिवक्ताओं के साथ कथित मारपीट, धमकी और न्यायिक कार्य में बाधा डालने के मामले की सुनवाई के दौरान अहम निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने मुख्य आरोपी अधिवक्ता सौरभ वर्मा का आपराधिक इतिहास और पिछले 10 वर्षों में खरीदी-बेची गई संपत्तियों का पूरा विवरण राज्य सरकार से मांगा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सौरभ वर्मा के खिलाफ आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस पर न्यायालय ने सभी मामलों का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि आरोपों की प्रकृति और उनकी वर्तमान स्थिति का परीक्षण किया जा सके।

सरकार ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। साथ ही, पीड़ित दिल्ली के अधिवक्ताओं के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आरोपी वकील द्वारा पिछले एक दशक में की गई जमीन और अन्य संपत्तियों की खरीद-बिक्री का पूरा ब्यौरा भी अदालत के समक्ष पेश किया जाए।

सुनवाई के दौरान घटना से संबंधित वीडियो फुटेज भी न्यायालय में प्रस्तुत की गई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

इस मामले को लेकर न्यायालय की सख्ती को न्यायिक व्यवस्था में कानून के शासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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