महासंघ ने कहा- ओलंपिक चार्टर के तहत खेल संस्थाओं की स्वायत्तता का सम्मान जरूरी, उठाए गए मुद्दों पर पहले ही दी जा चुकी है सफाई

नई दिल्ली: टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) ने खेल मंत्रालय की ओर से अपनी मान्यता निलंबित किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है। महासंघ का कहना है कि किसी अंतरिम या बाहरी प्रशासनिक व्यवस्था से खेल संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। TTFI ने मंत्रालय से 12 अगस्त के आदेश को फिलहाल स्थगित रखकर पूरे मामले की नए सिरे से समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
महासंघ ने अपने बयान में IOC के Olympic Charter के नियम 27 और 28 का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल महासंघों को अपनी प्रशासनिक और खेल गतिविधियां संचालित करने की स्वायत्तता हासिल है। TTFI के मुताबिक, खेल प्रशासन में किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप इस सिद्धांत के अनुरूप नहीं होगा।
मंत्रालय के आरोपों पर TTFI की सफाई
खेल मंत्रालय ने TTFI की मान्यता वापस लेने के पीछे प्रशासनिक खामियों और समय पर चुनाव नहीं कराने समेत कई कारण बताए थे। मंत्रालय की कार्रवाई इससे पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद हुई।
हालांकि, TTFI का दावा है कि मंत्रालय द्वारा उठाए गए ज्यादातर मुद्दों पर वह पहले ही जवाब दे चुका है। महासंघ ने कहा कि उसने 7 जुलाई को विस्तृत जवाब के साथ संबंधित बैठक के मिनट्स, प्रस्ताव और ऑडिट रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराए थे। उसके अनुसार, आदेश में जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उनमें कुछ तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं, जबकि अन्य को पहले ही दूर किया जा चुका था।
अंतरिम व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को टेबल टेनिस के संचालन के लिए एक एड-हॉक कमेटी गठित करने को कहा है। TTFI ने इसी व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
महासंघ का कहना है कि खेल के संचालन के लिए किसी बाहरी या अंतरिम व्यवस्था का गठन करते समय राष्ट्रीय खेल महासंघों की स्वायत्तता और अंतरराष्ट्रीय खेल नियमों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उसने मंत्रालय से अपने आदेश को अभी लागू न करने और मामले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बनाया आधार
TTFI ने अपने पक्ष में भारतीय खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। महासंघ के मुताबिक, भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और हाल की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की उपलब्धियां इस बात का संकेत हैं कि खिलाड़ियों के हित में खेल व्यवस्था काम कर रही है।
बयान में एशियाई खेलों और 2026 एशियन यूथ चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ जूनियर स्तर पर तैयार हो रहे खिलाड़ियों का भी हवाला दिया गया।
महासंघ में पहले भी सामने आए विवाद
TTFI पिछले कुछ समय से आंतरिक प्रशासनिक विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। जनवरी में महासंघ ने तत्कालीन महासचिव और पूर्व खिलाड़ी कमलेश मेहता को वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच निलंबित किया था। बाद में इस कार्रवाई को लेकर मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा और अदालत ने निलंबन को रद्द कर दिया था।
अब मान्यता निलंबित होने के बाद TTFI ने कहा है कि वह मंत्रालय के साथ बातचीत के लिए तैयार है और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा बेहतर प्रशासन के सिद्धांतों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। महासंघ को उम्मीद है कि उसके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करते हुए मंत्रालय अपने फैसले की दोबारा समीक्षा करेगा।
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