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यूपी में मिलावट पर योगी सरकार का सख्त रुख, डेयरी उत्पादों की जांच और बिक्री पर बढ़ेगी निगरानी

दूध-पनीर से लेकर घी, खोया और क्रीम तक पर नजर; खाद्य विभाग की कार्रवाई के बीच सरकार ने मिलावट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दूध और उससे जुड़े खाद्य उत्पादों में मिलावट के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। दूध, पनीर, घी, खोया और क्रीम जैसे उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सामने आ रहे मामलों के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की निगरानी बढ़ाई गई है।

हाल के विशेष अभियानों में विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर जांच कराई और कई मामलों में असुरक्षित या मिलावटी सामग्री को बाजार तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कराया। जुलाई 2026 में चलाए गए एक व्यापक अभियान में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 885 नमूने लिए गए थे और बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई थी।

एनालॉग डेयरी उत्पादों पर भी कार्रवाई

मिलावट के खिलाफ कार्रवाई केवल दुकानों तक सीमित नहीं है। खाद्य विभाग निर्माण इकाइयों, भंडारण केंद्रों और बिक्री स्थलों पर भी जांच कर रहा है। अधिकारियों की निगरानी ऐसे उत्पादों पर भी है, जिन्हें दूध से बने असली उत्पादों के विकल्प के रूप में तैयार या बेचा जाता है।

घी और अन्य डेयरी उत्पादों के कुछ नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद संबंधित उत्पादों के निर्माण, वितरण, भंडारण और बिक्री पर सुधार होने तक रोक लगाने की कार्रवाई भी की गई है।

जांच में सामने आए मिलावट के मामले

खाद्य विभाग की हालिया कार्रवाई में नकली पनीर, दूध और घी तैयार करने के मामले भी सामने आए हैं। जुलाई के विशेष अभियान के दौरान छह जिलों में गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें नकली पनीर, नकली दूध और घी बनाने के मामलों के अलावा प्रतिबंधित सामग्री के इस्तेमाल और बिना लाइसेंस उत्पादन जैसी अनियमितताएं शामिल थीं।

त्योहारों से पहले और सख्त हो सकती है निगरानी

दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बनी रहने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का सीधा संबंध उपभोक्ताओं की सेहत से है। प्रशासन का जोर ऐसे उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोकने पर है, जो निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते।

हालिया कार्रवाई को देखते हुए आने वाले दिनों में डेयरी उत्पादों की जांच, सैंपलिंग और संदिग्ध इकाइयों पर कार्रवाई और तेज होने की संभावना है। उपभोक्ताओं के लिए भी सलाह है कि पैक्ड या खुले डेयरी उत्पाद खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और लाइसेंस संबंधी जानकारी जरूर जांचें।

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