आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में राहुल गांधी ने हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी; मामले को दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की मांग भी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उस याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनके तहत उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की CBI और ED से जांच/सत्यापन से जुड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। मामला 17 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनौती के साथ एक अलग ट्रांसफर याचिका भी दाखिल की है। इसमें उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही को दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
किस मामले को लेकर है विवाद?
यह मामला कर्नाटक के रहने वाले और BJP कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। शिकायत में राहुल गांधी की संपत्तियों को उनकी ज्ञात आय के मुकाबले अधिक होने का आरोप लगाया गया था। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच के समक्ष कार्यवाही चल रही है।
हाईकोर्ट ने पहले संबंधित एजेंसियों को आरोपों का कानून के मुताबिक सत्यापन करने और जांच की प्रगति से अवगत कराने को कहा था। बाद की सुनवाई में अदालत ने CBI की ओर से पेश जवाब और जांच की प्रगति पर असंतोष जताते हुए एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी से जांच की स्थिति बताते हुए नया हलफनामा दाखिल करने को कहा था।
ED को भी कार्रवाई की छूट
हाईकोर्ट की कार्यवाही के दौरान यह भी कहा गया था कि यदि ED की जांच के दौरान किसी अवैध गतिविधि से संबंधित सामग्री या दस्तावेज सामने आते हैं, तो एजेंसी कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है।
अब सुप्रीम कोर्ट में क्या होगा?
राहुल गांधी की याचिका में हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देने के साथ कार्यवाही को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में हाईकोर्ट के निर्देशों के खिलाफ राहुल गांधी की आपत्तियों और ट्रांसफर की मांग पर सुनवाई होनी है।
फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि आय से अधिक संपत्ति का आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक हाईकोर्ट की कार्यवाही आरोपों के सत्यापन और जांच की प्रगति से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई इसी कानूनी विवाद के अगले चरण को तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
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