सीतापुर हाईवे पर ग्रामीणों का विरोध, रेलिंग लगाने से बढ़ी परेशानी

रामपुर बेहड़ा और सरैया के ग्रामीण बोले- हाईवे पार करने में हो रही दिक्कत, डिवाइडर पर रेलिंग लगाने का विरोध

लखनऊ: लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर डिवाइडर में रेलिंग लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। रामपुर बेहड़ा और सरैया गांव के ग्रामीणों ने हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि रेलिंग लगने के बाद उनके लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे के दोनों ओर आवाजाही के लिए उन्हें सड़क पार करनी पड़ती है। डिवाइडर पर रेलिंग लगाए जाने से स्थानीय लोगों को निर्धारित रास्ते या कट तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

रेलिंग हटाने या वैकल्पिक रास्ते की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने हाईवे पर स्थानीय आवागमन की समस्या को देखते हुए रेलिंग व्यवस्था में बदलाव की मांग की। उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाने जरूरी हैं, लेकिन ऐसे प्रबंध भी होने चाहिए जिनसे आसपास रहने वाले ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित न हो।

ग्रामीणों के मुताबिक, हाईवे के दूसरी तरफ जाने के लिए पैदल लोगों, बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हाईवे के बढ़ते यातायात के बीच स्थानीय कनेक्टिविटी का सवाल

लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से इस मार्ग को चार लेन से छह लेन करने की योजना पर काम चल रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 63-65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार है और इसके लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

ऐसे में हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों के साथ स्थानीय गांवों की कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। डिवाइडर, रेलिंग, कट और अंडरपास जैसे इंतजाम इस तरह किए जाने की जरूरत है कि तेज रफ्तार यातायात और स्थानीय आवागमन दोनों के बीच संतुलन बना रहे।

ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

ग्रामीणों के विरोध के बाद अब निगाह संबंधित विभाग और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी समस्या का मौके पर निरीक्षण कर ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे और गांवों के लोगों को सड़क पार करने में अनावश्यक परेशानी न हो।

फिलहाल प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रेलिंग लगाए जाने को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इस व्यवस्था में बदलाव होगा या ग्रामीणों के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा, यह संबंधित अधिकारियों के निर्णय के बाद स्पष्ट होगा।

Also Read: कृष्णानगर में 32 वर्षीय मजदूर की गला रेतकर हत्या, सड़क किनारे मिला शव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *