शोहरतगढ़, बढ़नी और सवायजपुर में तैयार होंगे बस स्टेशन; राजस्व विभाग की जमीन परिवहन विभाग को मुफ्त मिलेगी

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को विस्तार देने की दिशा में राज्य कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिद्धार्थनगर और हरदोई में तीन नए बस स्टेशन विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रस्ताव के तहत सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ और बढ़नी तथा हरदोई जिले की सवायजपुर तहसील में नए बस स्टेशन बनाए जाएंगे।
बस स्टेशन के लिए मुफ्त मिलेगी सरकारी जमीन
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, इन परियोजनाओं के लिए राजस्व विभाग की चिन्हित सरकारी भूमि को परिवहन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित और नामांतरित किया जाएगा। जमीन उपलब्ध होने के बाद निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्तर पर आगे बढ़ेगी।
अधिकारियों के स्तर पर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित स्थानों के लिए निर्माण योजना और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं आगे बढ़ाई जाएंगी।
सीमावर्ती बढ़नी को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
सिद्धार्थनगर का बढ़नी क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित है। ऐसे में यहां बेहतर बस परिवहन ढांचा तैयार होने से स्थानीय यात्रियों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
शोहरतगढ़ भी सिद्धार्थनगर का प्रमुख कस्बा है। दोनों स्थानों पर बस स्टेशन की लंबे समय से जरूरत बताई जाती रही है। वर्ष 2025 में भी शोहरतगढ़ और बढ़नी में बस स्टेशन के लिए भूमि निरीक्षण की खबर सामने आई थी।
सवायजपुर में ग्रामीण यात्रियों को फायदा
हरदोई की सवायजपुर तहसील में बस स्टेशन बनने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
बस स्टेशन बनने के बाद यात्रियों को निर्धारित स्थान पर बसों की सुविधा मिलने के साथ प्रतीक्षालय और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित किए जाने की संभावना है। हालांकि, इन तीनों परियोजनाओं के निर्माण की विस्तृत समयसीमा और लागत का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
परिवहन ढांचे के विस्तार पर जोर
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक, इन बस स्टेशनों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के इस फैसले का असर केवल बस संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। बस स्टेशन के आसपास स्थानीय व्यापार, यात्री सेवाओं और अंतिम छोर तक पहुंचने वाले परिवहन साधनों के लिए भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
फिलहाल कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगला चरण भूमि हस्तांतरण और निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया का है। निर्माण शुरू होने और स्टेशन के संचालन की तारीख संबंधित विभाग की आगामी कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।
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