कहा, “अभी नेताओं को शरण देने की नौबत नहीं आई, लेकिन जनता की बात नहीं सुनी गई तो कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी“; गौ-रक्षा को लेकर भी सरकार पर उठाए सवाल।

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गौ-रक्षा को लेकर अभियान चला रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “अभी नेताओं को शरण देने की आवश्यकता नहीं पड़ी है, लेकिन यदि जनता की आवाज़ को अनसुना किया गया तो भविष्य में उन्हें कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी।”
शंकराचार्य ने कहा कि वह पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं और लाखों लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों से वह एक ही सवाल पूछते हैं कि वे गाय को माता मानते हैं या केवल पशु। उनके अनुसार अधिकांश लोग गाय को माता मानते हैं, जबकि प्रदेश सरकार की नीतियां इसके विपरीत दिखाई देती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गौ-रक्षा के मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। साथ ही जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है और जनता की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
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