परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, संसद में चर्चा, NEET पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवजे और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन मिलने का दावा

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मिले आश्वासनों के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है।
सोनम वांगचुक के अनुसार, सरकार ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर भारतीय संसद में चर्चा कराई जाएगी। इसके साथ ही हालिया NEET परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का भी भरोसा दिया गया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। वांगचुक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह “भूख हड़ताल का अंत और जवाबदेही की शुरुआत” है।
पोस्ट में उन्होंने अपने समर्थकों से पूरा वीडियो उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर देखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके वीडियो पर कोई कॉपीराइट नहीं है और उन्हें स्वतंत्र रूप से साझा किया जा सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से इन सभी दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में वांगचुक द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।























