कहा- पेपर कैंसिल कर दिया गया, अब दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई; बिहार और उत्तराखंड में भी ऐसी कार्रवाई की मांग

रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। पप्पू यादव ने पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच का समर्थन करते हुए कहा कि मामले में SIT जांच की जा रही है और पेपर को रद्द किया जा चुका है। झारखंड में JPSC और JSSC जैसी भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध लगातार जारी है।
पप्पू यादव ने हेमंत सोरेन को धन्यवाद देते हुए कहा कि मामले में जांच के साथ-साथ पेपर रद्द करने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बिहार और उत्तराखंड में भी कार्रवाई की मांग
सांसद ने झारखंड के घटनाक्रम का हवाला देते हुए बिहार और उत्तराखंड में भी परीक्षा से जुड़े मामलों में इसी तरह की कार्रवाई किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है, इसलिए ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
झारखंड में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र विभिन्न परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा भी गरमाया
विवाद के बीच झारखंड सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कही है। सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुधार और नियमित परीक्षा कैलेंडर जैसे कदमों पर भी जोर दिया जा रहा है।
वहीं, छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है और जिन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी हुई है, उनके संबंध में स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए। हाल के दिनों में सरकार द्वारा कुछ परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बावजूद छात्र संगठनों की कई मांगें बनी हुई हैं।
राहुल गांधी को लेकर भी दिया बयान
पप्पू यादव ने इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए राहुल गांधी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हित से जुड़े मुद्दों पर वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे और इसके लिए सरकार के खिलाफ भी संघर्ष करने को तैयार हैं।
Also Read: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, SIT जांच पर होगी अहम बहस
























