रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन तय माना जा रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण करार देते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, आरडीए के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 20 दिनों के भीतर संबंधित भवनों को स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में कार्रवाई न होने की स्थिति में प्राधिकरण खुद बुलडोजर कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भी विश्वविद्यालय प्रबंधन से वसूला जाएगा।

सुनवाई के बाद आया बड़ा फैसला
बुधवार को आरडीए की ओर से जारी नोटिस पर हुई सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया। सुनवाई में विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार, अधिवक्ता और अन्य प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा, लेकिन प्राधिकरण ने उनकी दलीलों को पर्याप्त नहीं माना। इसके बाद 38 भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया।
सिर्फ दो भवनों के पास थी स्वीकृति
आरडीए के अनुसार, जिन 38 भवनों पर कार्रवाई प्रस्तावित है उनका कुल क्षेत्रफल 82,309.80 वर्गमीटर है। प्राधिकरण का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में केवल मेडिकल भवन और अकादमिक ब्लॉक के नक्शे को ही विधिवत स्वीकृति मिली थी, जबकि अन्य भवनों के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। इसी आधार पर इन निर्माणों को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत अवैध माना गया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दिया यह तर्क
सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया कि जौहर विश्वविद्यालय सींगनखेड़ा गांव की भूमि पर स्थापित है, जो 27 सितंबर 2024 से पहले आरडीए के विकास क्षेत्र का हिस्सा नहीं थी। इसलिए उस समय भवन निर्माण के लिए प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं थी। हालांकि, आरडीए ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
छात्रों और कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
प्रस्तावित कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में अध्ययनरत ढाई हजार से अधिक छात्रों तथा शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस आदेश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सपा ने बताया शिक्षा पर हमला
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता और आज़म खान के करीबी आसिम राजा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय किसी धर्म विशेष का संस्थान नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक केंद्र है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा।


















