देहरादून/बदरीनाथ: बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल ऑफिसर राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है।

चार घंटे की पूछताछ के बाद कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने राजेंद्र सिंह चौहान को शुक्रवार को पूछताछ के लिए तलब किया था। करीब चार घंटे तक चली गहन पूछताछ के दौरान जांच टीम को उनके बयानों में कई विसंगतियां मिलीं। साथ ही कुछ ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य भी सामने आए, जिनके आधार पर टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
रिटायरमेंट के कुछ दिनों बाद गिरफ्तारी
गौरतलब है कि राजेंद्र सिंह चौहान इसी वर्ष 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद हुई यह कार्रवाई मामले की गंभीरता को दर्शाती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वित्तीय अनियमितताओं की परतें खुलने के साथ कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले में यह दूसरी प्रमुख गिरफ्तारी है। इससे पहले बीकेटीसी के कर्मचारी और वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को भी गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा चुका है। वहीं, अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति ने मुख्य खजांची संदीप मेहता को भी उनके पद से हटा दिया था।
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
SIT अधिकारियों के अनुसार, चौहान से हुई पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है। टीम सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेन-देन, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
जल्द हो सकती हैं और पूछताछ
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मामले में कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई और लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।






















